Petrol Diesel Price Today 10 Jan 2026: बजट से पहले बड़ा झटका या राहत? जानिए आज के नए रेट
भारत में सरकारी तेल कंपनियाँ हर रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई दरें हर शहर के लिए घोषित करती हैं। आज 10 जनवरी 2026, शनिवार को भी इसी प्रणाली के तहत कीमतें जारी की गई हैं। भारत में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के रेट, रुपये-डॉलर विनिमय दर, टैक्स और सरकारी नीतियों के प्रभाव से रोज बदलती रहती हैं।
आज के रेट – मुख्य शहरों में पेट्रोल शहर
| शहर | पेट्रोल कीमत (₹/लीटर) | कल से बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹94.77 | 0.00 |
| मुंबई | ₹103.50 | 0.00 |
| कोलकाता | ₹105.41 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹100.80 | 0.00 |
| बेंगलुरु | ₹102.92 | 0.00 |
| पटना | ₹105.23 | 0.00 |
ट्रेंड: आज अधिकांश शहरों में पेट्रोल की कीमत स्थिर है यानी कल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ।
आज के रेट – मुख्य शहरों में डीजल शहर
| राज्य / क्षेत्र | डीजल कीमत (₹/लीटर) | कल से बदलाव |
|---|---|---|
| गुजरात (औसत) | ₹90.76 | +₹0.02 |
| राजस्थान | ₹91.08 | -₹0.08 |
| उत्तर प्रदेश | ₹88.55 | +₹0.04 |
| बिहार | ₹92.75 | -₹0.04 |
| केरल | ₹95.09 | -₹0.18 |
| महाराष्ट्र | ₹91.48 | +₹0.02 |
💡 डीजल की कीमतों में भी ज़्यादातर शहरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा जा रहा है।
क्या कीमतें बजट से पहले fluctuate कर रही हैं?
बजट 2026 की घोषणा फरवरी 2026 में होने वाली है। आमतौर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें:
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के रेट
रुपया-डॉलर विनिमय दर
क्रूड सप्लाई और OPEC निर्णय
घरेलू मांग-आपूर्ति
जैसे कारकों के आधार पर रोज़ाना तय होती हैं। अभी 10 जनवरी तक कीमतें अधिकांश शहरों में स्थिर बनी हुई हैं, जिसका अर्थ है कि वित्त-बजट की घोषणा से पहले अब तक बड़े उतार-चढ़ाव नहीं दिख रहे हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा और बजट घोषणाओं के संकेत आगे कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
क्यों पेट्रोल-डीजल रेट रोज बदलते हैं?
भारत में पेट्रोल और डीजल रेट रोज़ाना ऐसे तय होते हैं:
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें – जब ब्रेंट क्रूड की कीमत ऊपर-नीचे होती है तो इसका असर भारत में भी दिखता है।
रुपया-डॉलर का विनिमय दर – अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो कच्चा तेल महंगा होता है।
टैक्स और डीलर मार्जिन – केंद्र और राज्य सरकारें अपने टैक्स अलग-अलग लगाती हैं।
उत्पादन और मांग – आम तौर पर मांग अधिक होने पर कीमतों में दबाव बन सकता है।